menu

Lyrics: Jay Dev Jay Dev

Album: N/A
Song: Jay Dev Jay Dev
Released: 0000
Rating: 55.7 out of 100Please log in to rate this song.
Jay Dev Jay Dev lyrics
प्राणी मात्र झाले दुःखी, पाहता कोणी नाही सुखी
कठीण काळे, ओळखी धरीनात कोणी
माणसा खावया अन्न नाही, अंथरुण पांघरुण ते ही नाही
घर कराया सामुग्री नाही, विचार सुचेना काही
अखंड चिंतेच्या प्रवाही, पडले लोक

जय देव, जय देव, जय जय शिवराया
या, या अनन्य शरणां, आर्या ताराया

आर्यांच्या देशावरी म्लेच्छांचा घाला
आला आला सावध हो शिवभूपाला
सदगदीता भूमाता दे तुज हाकेला
करुणारव भेदूनी तव हृदय न का गेला
जय देव, जय देव, जय जय शिवराया

श्रीजगदंबा जी तव शुंभादीक भक्षी
दशमुख मर्दूनी ती श्रीरघुवर संरक्षी
ती पूता भूमाता, म्लेंच्छा ही छळता
तुजविण शिवराया तिज कोण दुजा त्राता
जय देव, जय देव, जय जय शिवराया

त्रस्त आम्ही दीन आम्ही, शरण तुला आलो
परवशतेच्या पाशी मरणोन्मुख झालो
साधुपरित्राणाया, दुष्कृती नाशाया
भगवन भगवदगीता सार्थ कराया या
जय देव, जय देव, जय जय शिवराया

Sponsored Links

Tags on Jay Dev Jay Dev

Login to add tags.

Popularity Jay Dev Jay Dev

Jul
2023
Aug
2023
Sep
2023
Oct
2023
Nov
2023
Dec
2023
Jan
2024
Feb
2024
Mar
2024
Apr
2024
May
2024
Jun
2024

Review this song:



To make sure you're not an annoying spambot, please give the correct answer to this calculation:
an an an =

Reviews Jay Dev Jay Dev

No reviews yet! Be the first to make a contribution!
Moron.nl Guide

Still haven't found what you're looking for?